सुलझी हुई उलझन: अस्तित्व और ‘मैं’

Posted on: Sun, 10/18/2026 - 12:26 By: admin

सुलझी हुई उलझन: अस्तित्व और ‘मैं’

अर्चिता त्रिपाठी

 

 

हवाओं का कलरव, आसमाँ की नादानियाँ 
बहुत से तुम-से बनी हैं, मेरी बहुत-सी कहानियाँ 

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