केरल डायरी:- केरल का सशक्त शिक्षा माॅडल बने पब्लिक डिस्कोर्स का हिस्सा

Posted on: Sat, 10/31/2020 - 08:02 By: admin

हम दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का एक समूह हाल ही में (मार्च 2020 के शुरुआती हिस्से में) केरल की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को समझने के लिए औपचारिक शैक्षिक भ्रमण पर गया था। इस विजिट में हमने वहाँ के सार्वजनिक शिक्षा की मजबूत और दीर्घ विरासत को समझने का प्रयास किया। इसके लिए वहाँ की एससीईआरटी, डायट संस्थान, निगम कार्यालय, पंचायत भवन और कुछ स्कूलों का दौरा किया। केरल अपनी खूबसूरत प्राकृतिक छटा के साथ-साथ शैक्षिक और सामाजिक संपदा से मन को मोह गया।

Teachers, Write…!

Posted on: Sat, 10/31/2020 - 08:00 By: admin

Teaching as a profession has undergone a sea change in the last few decades, not just in Delhi, but also other parts of the world. Unchecked growth of materialism, social media explosion and degradation of the environment have brought humanity at cross roads. It becomes imperative that education also takes the onus of tackling these challenges and create a win-win situation for all. Teachers on their part are being hailed as change makers with super powers, who can usher in a new world.

बच्चे कोरे कागज नहीं

Posted on: Sat, 10/31/2020 - 07:58 By: admin

वैसे तो बहुत से शिक्षाविदों ने ऐसी मान्यताओं को तार्किक आधार पर सिरे से खारिज किया है जो बच्चों को महज कोरा कागज़ समझती हैं या फिर गीली मिट्टी, जिस पर शिक्षकों, अभिभावकों और बड़ों के द्वारा जो भी लिखा जाएगा वही अंकित होगा। वह जैसे ढाले जाएँगे उसी तरह ढल जाएँगे। इसमें स्वयं उनके प्रयासों, अवलोकनों, अंतर्निहित क्षमताओं या सहज रूप से उपलब्ध परिवेश की भूमिका गौण ही रहेगी। आज भी कमोबेश हमारी शिक्षा व्यवस्था में यही समझ प्रभावी बनी हुई है। स्कूल किताबों को अंतिम ज्ञान मान उसी को रटाने के प्रयास में जुटे हैं।

“I am disappointed and in dilemma what should I do”

Posted on: Sat, 10/31/2020 - 07:57 By: admin

“I am disappointed and in dilemma what should I do”

 (A case to understand why outstanding candidate won’t join the profession of teaching)

I received this message on Twitter from an unknown person.

“Hello sir

I am **** currently working as an assistant section officer in ****. I have been selected for tgt maths in **** Delhi govt school for which document verification process is on **sep2020. Now as I discussed it with many teachers of ****they advised me not to join school quoting following problems 

कक्षा में शिक्षक

Posted on: Sat, 10/31/2020 - 07:53 By: admin

किसी कक्षा में एक शिक्षक क्या करे और क्या न करे इस विषय पर काफी कुछ कहा और लिखा जा चुका है। कई बार तो इन मुद्दों पर सीख देने वालों में वे लोग भी शामिल होते हैं जिनका इस क्षेत्र से कोई लेना-देना ही नहीं होता या फिर बहुत कम जानकारी होती है। स्कूलों में होने वाले निरीक्षणों का तो जैसे यह अनिवार्य और प्रिय मुद्दा हो। कोई शिक्षक थोड़ी भी अनचाही स्थिति में मिला नहीं कि शिक्षा अधिकारी उस पर पूरे रौब से टूट पड़ते हैं। उसे दी जाने वाली सीख अक्सर इस बात पर होती है कि वे जो कर रहे थे वह गलत है, पर सही तरीका क्या है और कैसे किया जा सकता है इस मसले पर ज्यादातर कुछ नहीं कहा जात

स्कूलों में हाशियाकरण का शिकार होता हिंदी शिक्षण

Posted on: Sat, 10/31/2020 - 07:52 By: admin

मध्यवर्गीय अपेक्षाओं को अभिव्यक्ति देती आधुनिक स्कूली शिक्षा में हिंदी पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए काम करना दिन-प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है। हिंदी दिवस पर हिंदी की महिमा उनकी समस्याओं का समाधान तो नहीं कर सकता लेकिन शायद उनकी समस्याओं को समझने में और उसके आसपास बातचीत शुरू करने में जरूर मदद कर सकता है। कई स्कूलों में गलती से भी हिंदी में बोल देने पर बच्चों को फाइन भरना पड़ जाता है। ऐसे माहौल में हिंदी शिक्षण हिंसाग्रस्त सीमावर्ती इलाके में ‘ध्यान लगाने'(meditation) के प्रयोग जैसा है। हिंदी दिवस पर एक दूसरे को व्हाट्सएप फॉरवर्ड भेजने वाले अभिभावक अपने बच्चों को

Who the teachers are?

Posted on: Sat, 10/31/2020 - 07:50 By: admin

One fine morning of the last week of August, I found that someone had added me to a new Whatsapp Group-‘parents’. The only growth one can experience during the pandemic is being added to multiple whatsapp groups. If you are a teacher, it’s a windfall for you. Growth in the number whatsapp group is inversely proportional to growth in income during the pandemic. Cut to the real story, read the initial few messages from the chat…

Hello everyone**** dis side…

My daughter is in kg F class…

‘Schools are Closed and Teachers are Free’

Posted on: Sat, 10/31/2020 - 07:49 By: admin

Vedika teaches at a private school in Noida. Since the beginning of the lockdown, her salary got reduced and also gets delayed often. At least she is happy that she is able to retain her job. Every month, the first few days, she spends in great anxiety. She doesn’t have any saving. Along with her husband, she took a home loan two years back. And she is completely dependent on her salary to make the ends meet. Above all, her financial independence corresponds to her personal independence and she doesn’t want to lose it.

शिक्षकों के गैर पेशेवर पहचान को बढ़ावा देती नई शिक्षा नीति।

Posted on: Sat, 10/31/2020 - 07:43 By: admin

शिक्षकों  के गैर पेशेवर पहचान को बढ़ावा देती नई शिक्षा नीति।

स्वतंत्र भारत के करीब-करीब 75 सालों के इतिहास में अभी तक तीन बार शिक्षा नीति बनाई गई हैl 1968,1986( संशोधित रूप में 1992) और अब 2020, निश्चित ही शिक्षा के क्षेत्र में ये महत्वपूर्ण नीतिगत दस्तावेज है। शिक्षा नीति किसी भी देश में शिक्षा की दिशा और दशा तय करती है। किसी भी नीति में कुछ अच्छे और कुछ बुरे प्रावधान हो सकते हैं लेकिन अच्छे और बुरे प्रावधानों से नीति की व्याख्या नहीं की जा सकती है। नीति की व्याख्या वह कौन सी दिशा तय करती है,इस संदर्भ में करना होता है।

Exploring and Promoting Pluralism in School

Posted on: Sat, 10/31/2020 - 07:43 By: admin

This is a chapter from the RRCEE’s collection, ‘Voices Unheard’. Murari Jha was a Teacher fellow at RRCEE, CIE, University of Delhi in the year 2013-14. He worked on the theme ‘Exploring and Promoting Pluralism in School’ as a part of his fellowship. Shailaja Modem, who teaches at Gargi College, University of Delhi mentored him.

Kindly click on the link below to read the research report!

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