Author: murari jha

LOCKDOWN #3

फोन की घंटी बहुत देर से बज रही हैं। फोन बेड के कोने वाले टेबल पर रखा हुआ है। राशि बेड पर लेटी हुई, न सो रही है न जाग रही है, लेकिन उठकर फोन उठाने का उसका मन नहीं कर रहा है।  फोन की घंटी बजती ही चली जा रही है। तभी दूसरे कमरे […]

Different Shades of Lockdown #2

फ्रिज खुलने की आवाज आते ही, हॉल में बैठी मंजू देवी बोल उठी…  “बहु दूध जरा संभाल के ही खर्च करना” बिना कोई जवाब दिए, सुनैना अपना काम करती रही। उधर मंजू देवी एक बार फिर से बोल उठी  “बेटे रमण,चाय पीने से पहले पानी पी लो, जैसे तैसे उठते हुए वह किचन की ओर […]

Lockdown

हल्का सा एक चपत पड़ते ही सोनू चिल्लाते हुए उठा,  मम्मी, क्या हुआ… रीना बहुत देर से उसे उठाने की कोशिश कर रही थी, चल मेरे साथ बाहर आ, कहते हुए रीना बेड से नीचे उतर जाती है, उसने अपने पल्लू को ठीक किया, गर्दन तक घूंघट खींच लिया। सोनू को गोदी में लेकर वह […]

Welfare Vs Identity Politics

दिल्ली में चुनावों के तारीख की घोषणा हो चुकी है। भारतीय लोकतांत्रिक राजनीति के इतिहास में शायद पहली बार जन सरोकार की राजनीति का सीधा मुकाबला पहचान की राजनीति से है। वर्षों से पहचान की राजनीति केंद्र और राज्य के चुनावों में अपना दबदबा बनाए हुई है। पहचान की राजनीति से मेरा मतलब है धर्म, […]

Oh My God, Your Education Minister, Can’t Believe It !

“मैं अगर आपको कहूँ कि उस दूसरे कमरे में जाकर जेंटलमैन को बुला लाइये, अगर वहाँ तीन लोग खड़े हो, जिसमें से किसी एक ने सूट और टाइ पहन रखा हो तो आप सूट वाले को बुला लाएँगे। ये कैसे होता है, कब हमने जेंटलमैन की परिभाषा गढ़ दी” यह पहला मौका था जिसने मुझे […]

महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और सुरक्षा की ओर बढ़ता कदम।

आज से करीब-करीब 15 साल पहले कल्याणी और मैं मुनिरका में रहकर पढ़ाई करते थे। कल्याणी को हर रोज करीब 3 किलोमीटर दूर मोतीलाल नेहरू कॉलेज जाना होता था। बस में 2 रुपये का टिकट लगता था । वो अक्सर जाने और आने का 4 रुपया बचाने के लिए पैदल ही चली जाती थी। कई […]

सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास।

ये लो सिर्फ संस्कृत और ड्राइंग में तुम पास हो, कहते हुए मैम बच्चे के हाथ में पीले कलर का रिपोर्ट कार्ड पकड़ाती है। बच्चा खड़ा है, थोड़ी सी उदासी उसके चेहरे पे झलक रही है। सामने मम्मी अपने दो और बच्चों के साथ बैठी हुई है।मम्मी से यहां साइन करवा लो, यह कहते हुए […]

ART Meeting; An attempt to build the community of practitioners in Delhi Government Schools

Catch my rhythm and follow my beats” एक शिक्षक यह कहते हुए अपने हाथों से एक खास तरह का साउंड निकालते थे और उसी साउंड का नकल करते हुए बाकी कहते थे “Caught your rhythm and here is your beat” बारी-बारी से सभी शिक्षक अलग-अलग तरह का साउंड निकालते थे और बाँकी उनको फॉलो करते […]

Learnings from Shanti Niketan

Written by Vandana Gautam “Those who do not learn cannot teach” I have heard a story regarding the famous medieval scholar, Al-Biruni. It is told that when he was on his deathbed, he appeared a little disturbed. His mind was trying to solve a mathematical problem. One of his close friends could guess his problem […]

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